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सोशल मीडिया पर बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 850 से ज्यादा विवादित पोस्ट चिन्हित

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बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 850 से अधिक विवादित पोस्ट चिन्हित किए जा चुके हैं।

पटना/आलम की खबर: बिहार में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ, भ्रामक और विवादित कंटेंट को लेकर पुलिस ने निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ा दी है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो पर अब बिहार पुलिस की डिजिटल टीम लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की चौबीस घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी अभियान के तहत अब तक सैकड़ों विवादित पोस्ट को चिन्हित कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया का प्रभाव अब समाज पर सीधे तौर पर दिखाई देने लगा है। किसी भी पोस्ट, वीडियो या अफवाह के वायरल होने के बाद माहौल तेजी से प्रभावित होता है। यही कारण है कि पुलिस अब डिजिटल प्लेटफॉर्म को केवल सूचना साझा करने का माध्यम नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय मानकर काम कर रही है। विशेष रूप से सांप्रदायिक तनाव फैलाने, हिंसा भड़काने, अफवाह फैलाने और समाज में डर या भ्रम पैदा करने वाले कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार बिहार पुलिस की सोशल मीडिया यूनिट ने अब तक करीब 850 ऐसे पोस्ट और वीडियो को चिन्हित किया है जिन्हें कानून के खिलाफ माना गया। इन मामलों में कई लोगों को नोटिस भेजा गया, जबकि कई मामलों में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई है। पुलिस की साइबर टीम ऐसे अकाउंट्स की पहचान करने में भी जुटी हुई है जो फर्जी प्रोफाइल के जरिए भड़काऊ सामग्री फैलाने का काम कर रहे हैं।

पुलिस ने यह भी साफ किया है कि केवल सांप्रदायिक पोस्ट ही नहीं बल्कि हर्ष फायरिंग, हथियारों का प्रदर्शन, स्टंटबाजी, अश्लील वीडियो और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कंटेंट पर भी कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो सामने आए थे जिनमें लोग सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए हथियारों के साथ वीडियो बना रहे थे। पुलिस का कहना है कि ऐसे वीडियो युवाओं पर गलत प्रभाव डालते हैं और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं।

बिहार पुलिस की डिजिटल निगरानी व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है। सोशल मीडिया सेंटर में विशेष टीमों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। ये टीमें ट्रेंडिंग पोस्ट, वायरल वीडियो और संदिग्ध अकाउंट्स पर नजर रख रही हैं। किसी भी विवादित सामग्री की जानकारी मिलते ही संबंधित जिले की पुलिस और साइबर सेल को अलर्ट किया जाता है, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।

इस अभियान में आम लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग बिहार पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर संदिग्ध पोस्ट की जानकारी दे रहे हैं। कई लोग कमेंट, टैग और डायरेक्ट मैसेज के जरिए पुलिस को ऐसे कंटेंट की सूचना पहुंचा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से सोशल मीडिया पर सक्रिय असामाजिक तत्वों तक पहुंचना आसान हो रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भड़काऊ पोस्ट को बिना जांचे शेयर न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत प्रशासन को जानकारी दें।

सोशल मीडिया पर बिहार पुलिस की सक्रियता का असर उसकी लोकप्रियता पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य के सरकारी विभागों में बिहार पुलिस सोशल मीडिया फॉलोअर्स के मामले में सबसे आगे पहुंच चुकी है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत विभिन्न प्लेटफॉर्म पर बिहार पुलिस के कुल फॉलोअर्स की संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई है। पिछले एक वर्ष में लाखों नए लोग बिहार पुलिस के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं।

फेसबुक पर बिहार पुलिस के फॉलोअर्स की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की सक्रिय डिजिटल मौजूदगी लोगों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद कर रही है। अब लोग शिकायत, सूचना और सुझाव के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पुलिस और आम जनता के बीच संवाद पहले की तुलना में ज्यादा तेज और आसान हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार पुलिस की सोशल मीडिया मौजूदगी को मजबूत माना जा रहा है। फॉलोअर्स के मामले में बिहार पुलिस देश की अग्रणी पुलिस इकाइयों में शामिल हो चुकी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ती सक्रियता को पुलिस प्रशासन अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में साइबर अपराध और सोशल मीडिया से जुड़े मामलों की संख्या और बढ़ सकती है, इसलिए डिजिटल मॉनिटरिंग को और आधुनिक बनाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया आज सूचना का सबसे तेज माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके दुरुपयोग का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। कई बार झूठी खबरें और एडिटेड वीडियो समाज में तनाव पैदा कर देते हैं। ऐसे में पुलिस की सक्रियता जरूरी मानी जा रही है। हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि कार्रवाई के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के संतुलन का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

फिलहाल बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी और जागरूकता दोनों अभियान साथ-साथ चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि लोगों को जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक बनाना भी है। आने वाले दिनों में साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया जागरूकता को लेकर बड़े अभियान चलाए जाने की भी तैयारी की जा रही है।

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